विजन
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों की भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन्होंने औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, नवाचार में बड़ा योगदान किया है। इनका राष्ट्रीय जीडीपी में 13% से अधिक हिस्सा है। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत@2047 के विजन की प्राप्ति की ओर अग्रसर है, सीपीएसई नेतृत्व का विविध चुनौतियों एवं वैश्विक अवसरों के लिए भविष्योन्मुखी होना आवश्यक है।
दक्ष कार्यक्रम क्षमता विकास आयोग द्वारा स्थायी सार्वजनिक उद्यम सम्मेलन (स्कोप) के सहयोग से विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम की अभिकल्पना सीपीएसई के वरिष्ठ कार्यपालकों के लिए साझा नेतृत्व विकसित करने के एक अग्रणी कार्यक्रम के रूप में की गई है। इस कार्यक्रम की रूपरेखा ऐसे सतत नेतृत्व विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो बोर्ड-स्तरीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन में समर्थ हो। इस प्रकार सार्वजनिक क्षेत्र में उत्तराधिकारी नेतृत्व संस्थापित हो पाएगा।
दक्ष कार्यक्रम का ध्येय रणनीति समर्थ, नैतिक मूल्य संपन्न और वैश्विक परिवेश की दृष्टि से सक्षम नेतृत्व विकसित करना है जो सीपीएसई को निष्पादन एवं सुशासन-उत्कृष्टता के उच्चतर स्तरों पर ले जा सके। यह कार्यक्रम सुनियोजित प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय परिवेश, सक्रिय परियोजनाओं, परामर्श और विशद अनुभव पर आधारित है जिससे कुल मिलाकर ऐसा नेतृत्व विकसित किया जा सके जो रणनीतिक दूरदृष्टि, प्रौद्योगिकी-अंगीकरण, नव उत्साह और उत्तरोत्तर परस्पर जुड़ते जा रहे विश्व के परिदृश्य में विभिन्न टीमों का नेतृत्व करने की योग्यता रखता हो।
दक्ष कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तात्कालिक नेतृत्व आवश्यकताओं को ध्यान में रखना नहीं है बल्कि सीपीएसई के भीतर निरंतर क्षमता-विकास की संस्कृति विकसित करना है। आने वाले वर्षों में इस कार्यक्रम द्वारा 2000 से अधिक वरिष्ठ कार्यपालकों (महाप्रबंधक, मुख्य महाप्रबंधक, कार्यकारी निदेशक या समतुल्य कार्यपालकों) को प्रशिक्षित किया जाएगा जो बोर्ड स्तरीय पदों के निर्वहन के लिए अपेक्षित सक्षमताओं से सुसज्जित हों। इस प्रकार यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीपीएसई को आने वाले वर्षों में भी कुशल और भविष्योन्मुखी नेतृत्व प्राप्त होता रहे।
उद्देश्य
- वरिष्ठ कार्यपालकों (महाप्रबंधकों, मुख्य महाप्रबंधकों, कार्यपालक निदेशकों) में नेतृत्व सक्षमताएं विकसित करना जिससे उन्हें बोर्ड-स्तरीय भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा सके।
- सुसंरचित चयन और मूल्यांकन प्रक्रिया संस्थापित करना। इसमें साइकोमेट्रिक परीक्षण, व्यक्ति विकास योजनाएं और कोचिंग शामिल हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय परिवेश, चिंतनपरक नेतृत्व संगोष्ठियों और औद्योगिक दौरों के माध्यम से समकालिक वैश्विक व्यवहारों का अनुभव प्रदान करना।
- एक साझे प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीपीएसई में परस्पर प्रशिक्षण की सुविधा देना जिससे वरिष्ठ विद्वान नेतृत्वकर्ताओं का एक नेटवर्क विकसित किया जा सके।
- आने वाले वर्षों में सीपीएसई में 2000+ भविष्योनमुखी नेतृत्वकर्ताओं का स्थायी प्रतिभा समूह बनाना।
- वर्तमान में तैयार, शीघ्र तैयार होने वाले और बाद में तैयार होने वाले नेतृत्वकर्ताओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करके सीपीएसई में उत्तराधिकार योजना संस्थापित करना।
- रणनीति निर्माण, वित्त, प्रौद्योगिकी एवं परिवर्तन प्रबंधन कौशलों से नेतृत्वकर्ताओं को सुसज्जित करके सीपीएसई की संगठनात्मक तत्परता और प्रतिस्पर्धा में बने रहने की क्षमता बढ़ाना।
संकल्पनात्मक फ्रेमवर्क
कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय
दक्ष 12 माह का नेतृत्व विकास कार्यक्रम है। इसमें कक्षा प्रशिक्षण, ऑनलाइन मॉड्यूल, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव, आध्यात्मिक एवं बाह्य प्रशिक्षण, प्रत्यक्ष कार्य प्रशिक्षण परियोजनाएं और व्यक्तिगत कोचिंग शामिल है। प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में 60-80 सहभागियों को प्रशिक्षित किया जाता है जिनका चयन निश्चित पात्रता मानदंडों के आधार पर किया जाता है।
कार्यक्रम में मूल्यांकन एवं आईडीपी वैयक्तिकृत प्रशिक्षण पद्धतियों की रूपरेखा तैयार करने के लिए व्यापक परीक्षण करने के उद्देश्य से; यात्राएं जिनमें देश के भीतर और विदेश में औद्योगिक दौरों (जैसे आस्ट्रिया में एल्पाइन यूनिवर्सिटी, म्यूनिक में अंटरनेहमर टीयूएम, सैल्ज़बर्ग में रेड बुल हेडक्वार्टर) को शामिल किया जाता है; प्रत्यक्ष कार्य प्रशिक्षण परियोजनाएं सीपीएसई की विशिष्ट चुनौतियों से जुड़ी समूह परियोजनाएं सम्मिलित हैं; नेतृत्व यात्रा कार्यशालाएं एवं चिंतनपरक संगोष्ठियां जिनमें विश्व भर के विशेषज्ञ, उद्योग विशेष के नेतृत्वकर्ता और अकादमिक साझेदार उपस्थित रहते हैं; और आध्यात्मिक एवं बाह्य प्रशिक्षण सहनशीलता, सहयोगात्मक शैली और मनोचिंतन के गुण विकसित किए जाते हैं।
पहले बैच का प्रशिक्षण अप्रैल 2025 में हुआ था जिसमें मैकेंजी नॉलिज पार्टनर और आईआईएम अहमदाबाद अकादमिक पार्टनर थे। भविष्य की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को देखते हुए ईगन जेहंडर, आईआईएम इंदौर और आईएसबी सम्मिलित रहेंगे। दक्ष के भविष्य के लक्ष्य में आने वाले वर्षों मे 2000 भविष्योन्मुखी सीपीएसई नेतृत्वकर्ताओं की एक समूह तैयार करना है। साथ ही, इसके तहत उत्तराधिकार योजना एवं बोर्ड-स्तरीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार एक कुशल नेतृत्वकर्ता समूह बनाना है।
विकास क्रम
प्रमुख उपलब्धियां
संबंधित आंकड़े
73 सहभागी
बैच 1 में नामांकित
प्रभाव आकलन
सहभागियों की रुचि
100%100% सर्वेक्षित सहभागियो ने अपने समकक्षों को अनुशंसा की
कौशल विकास
सहभागियों द्वारा बताया गया कि उनका वैश्विक दृष्टिकोण, बेहतर समावेशी नेतृत्व कौशल से रूपांतरण हुआ है।
भविष्य की योजना
विस्तार नीति एवं अगले कदम
- 2000 वरिष्ठ कार्यपालक
- प्रत्येक वर्ष बहुविध प्रशिक्षण जिनमें अकादमिक पार्टनर (आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम इंदौर, आईएसबी) और नॉलेज पार्टनर (मैकेंजी, इगॉन जेहंडर) होंगे।
- निरंतर सुधार के लिए प्रभाव मूल्यांकन, सहभागी प्रतिक्रिया और स्थायी समिति निगरानी।
- राष्ट्रीय क्षमता विकास योजना से जुड़ना, दक्ष को मिशन कर्मयोगी के तहत सीपीएसई के लिए अग्रणी नेतृत्व विकास कार्यक्रम के रूप में स्थापित करना।
- सीपीएसई में विद्वान-नेटवर्क को मजबूत करके सतत समकक्ष प्रशिक्षण एवं पारस्परिक क्षेत्र सहयोग को बढ़ावा देना।