What is Amrit Gyaan Kosh?
अमृत ज्ञान कोश ज्ञान संसाधनों का एक अद्यतन संग्रह है जिसमें केस स्टडीज़ के रूप में सुशासन की सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों का समावेश और संरक्षण किया गया है। यह पहल अत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को पुनर्स्थापित करने और मिशन कर्मयोगी के उद्देश्य को आगे बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री के नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन व्यवस्था बनाने के विजन में योगदान करने के लिए की गई है।
प्रत्येक केस स्टडी सिद्धांतनिष्ठ प्रशिक्षण उद्देश्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जिससे समस्या-समाधान सक्षमताओं और प्रमाण-आधारित निर्णय क्षमताओं को बढ़ावा मिले। सरकारी प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ इस कोश में विश्व की अकादमिक संस्थाओं को भी सम्मिलित किया गया है जिससे भारत के सुशासन-अनुभवों को विश्व भर से साझा किया जा सके।
अमृत ज्ञान कोश के बृहत् उद्देश्य
डिजिटल ज्ञान केंद्र
केस स्टडीज़ और सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों के लिए सुसंरचित, डिजिटल ज्ञान केंद्र की स्थापना करना।
केस-आधारित प्रशिक्षण
भारत के लोक प्रशासन प्रशिक्षण-तंत्र के भीतर केस-आधारित प्रशिक्षण के अंगीकरण को बढ़ावा देना।
उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम
सिविल सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुसंगत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सामग्री के साथ उन्नयन करना।
संकाय सामर्थ्य विकास
सीटीआई और एटीआई के संकाय में केस राइटिंग एवं शैक्षणिक सामर्थ्य बढ़ाना।
ग्लोबल प्लेटफॉर्म
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों पर भारत-केंद्रित केस स्टडीज़ के उपयोग को सुविधाजनक बनाना।
समान संस्थाओं में प्रशिक्षण
समान संस्थाओं में प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी अधिकारियों का नवाचार लिखने और साझा करने के लिए उत्साहवर्धन करना।
केस स्टडीज़ के मुख्य सिद्धांत
प्रत्येक केस स्टडी निम्नलिखित मुख्य सिद्धांतों के आधार पर तैयार की जाती है:
सुसंगत
केस वर्तमान और समसामयिक हो बेहतर होगा कि तीन वर्ष से अधिक पुराना न हो।
सुसंबद्ध
प्रशिक्षण प्रशिक्षणार्थी के दैनिक जीवन और अनुभवों से जुड़ा हो।
व्यवहार्य
प्राप्त अंतर्दृष्टि व्यावहारिक और प्रशिक्षणार्थी के काम में आने वाली हो।
प्रसार
प्रस्तुत समाधान अनुकरणीय होना चाहिए।
अमृत ज्ञान कोश केस स्टडीज़ की उपलब्धता
अमृत ज्ञान कोश की सभी प्रकाशित केस स्टडीज़ iGOT प्लेटफॉर्म पर अमृत ज्ञान खंड में उपलब्ध हैं। iGOT के रजिस्टर्ड और नॉन-रजिस्टर्ड यूज़र नीचे दिए गए लिंक से iGOT होमपेज पर सीधे इन केस स्टडीज़ को एक्सेस कर सकते हैं:
एडवांस्ड केस राइटिंग और शैक्षणिक कार्यशालाओं द्वारा क्षमता विकास
अप्रैल 2023
एक 3-दिवसीय केस टीचिंग कार्यशाला का हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के सहयोग से केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (सीटीआई) और प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों (एटीआई) के 30 संकाय सदस्यों के लिए आयोजित की गई।
दिसंबर 2024
एक 5-दिवसीय एडवांस्ड केस राइटिंग एवं टीचिंग कार्यशाला स्टैंफर्ड एलएडी, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और एशियाई विकास बैंक संस्थान (ओडीबीआई) की भागीदारी में सीटीआई/एटीआई के 60 संकाय सदस्यों के लिए संचालित की गई। इसमें 50 से अधिक केस स्टडीज़ सहभागियों द्वारा तैयार की गई और आईआईटी जैसे शीर्ष संस्थानों के 7 फैकल्टी मेंटॉर्स ने राइंटिंग प्रक्रिया के द्वारा सहभागियों का मार्गदर्शन किया।
सितंबर 2025
सितंबर 2025 में एडवांस्ड केस राइटिंग कार्यशाला के दूसरे संस्करण का सीटीआई और एटीआई के 75 नए संकाय सदस्यों के लिए भारत के विभिन्न शहरों के तीन प्रशिक्षण केंद्रों में संचालन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन स्टैंफर्ड एलएडी एवं आईआईटी दिल्ली के प्रशिक्षकों के नेतृत्व में एडीबी और एडीबीआई की सहायता से किया गया। इसमें दिसंबर 2024 के 10 मेंटॉर्स फैकल्टी मेंटॉर्स के रूप में एक बार फिर से उपस्थित रहे और इन्होंने सहभागियों का केस राइटिंग की यात्रा में मार्गदर्शन और सहयोग किया।
मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार
इस कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि यह रही कि कार्यशालाओं के पूर्व प्रशिक्षणार्थियों में से सरकारी प्रशिक्षण-तंत्र में मास्टर ट्रेनर्स का एक नया समूह तैयार किया गया। दिसंबर 2024 की कार्यशाला से 10 सहभागियों का चयन सितंबर 2025 की कार्यशाला के सहभागियों को मेंटर करने के लिए किया गया।। इन ट्रेनर में निम्नलिखित शामिल थे:
- पूरे भारत के नए सहभागियों को मेंटर करना
- सितंबर 2025 के प्रशिक्षण सत्रों में को-फैसिलिटेशन
- केस-आधारित प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए संस्थानों की सहायता करना
सहभागी अनुभव और फीडबैक
प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां
70
केस वर्तमान में iGOT पर उपलब्ध हैं
70
केस तैयार किए जा रहे हैं
150+
संकाय केस राइटिंग में प्रशिक्षित किए गए जो सीटीआई और एटीआई के से हैं
10
केस एडीबीआई, टोक्यो के साथ सह-प्रकाशित
17
फीचर्स केस स्टडीज़ और सभी 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप
20+
केस प्रकाशित जिनमें 20 से अधिक राज्यों और विविध विषयों का समावेश